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बागेश्वर धाम सरकार मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है। बता दें कि इस धाम में राम भक्त हनुमान जी अपने श्री बागेश्वर बालाजी महाराज के रूप में विराजमान हैं। 

अपने चमत्कारों के कारण बागेश्वर धाम वर्तमान समय में और भी प्रसिद्ध होता जा रहा है। बागेश्वर धाम मंदिर से जुड़ी एक बात बताई जाती है कि जो कोई भी वहां जाता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

इसके साथ ही यह भी बताया जाता है कि यहां आने वाले भक्तों को कैसी भी परेशानी हो महाराज को समस्या बताए बिना ही महाराज आपकी समस्या को स्वत: ही जान जाते हैं।

Bageshwar Dham Sarkar में भगवान बालाजी के समक्ष मंदिर के महाराज “श्री धीरेन्द्र कृष्ण” द्वारा टोकन के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रार्थना पत्र दिया जाता है।

आपको बता दें कि आप घर बैठे भी आवेदन कर सकते हैं और ऑनलाइन और टीवी के जरिए घर बैठे मंदिर के दर्शन और आरती का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।

इस मंदिर/धाम में आने के लिए सभी भक्तों को अपना आवेदन जमा करना होता है। यदि आवेदन स्वीकार कर लिया जाता है, तो उन्हें एक निःशुल्क टोकन मिलता है। जिसके लिए सभी श्रद्धालु धाम में जाकर इसके लिए आवेदन कर टोकन प्राप्त कर सकते हैं।

सन्यासी बाबा द्वारा लगभग 300 साल पहले शुरू की गई मानव कल्याण और जनसेवा की परंपरा को अब बालाजी महाराज, श्री दादा गुरुजी महाराज के उत्तराधिकारी पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आशीर्वाद से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिन्हें सर्वविदित जानते हैं।

4 जुलाई 1996 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम गढ़ा में पिता श्री रामकृपाल जी महाराज और भक्तिमयी माता सरोज के यहाँ सरयूपरिया ब्राह्मण परिवार में जन्मे पूज्य गुरुदेव का बचपन गरीबी और कष्ट में बीता। यदि कर्मकांडी ब्राह्मणों का परिवार होता तो पूजा पाठ में मिलने वाली दक्षिणा से 5 लोगों का परिवार चलता था। ऐसे में पूज्य महाराज श्री को अपनी शिक्षा अधूरी छोड़नी पड़ी। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े गुरुदेव का पूरा बचपन अपने परिवार के भरण-पोषण की व्यवस्था करने में बीता।

बागेश्वर मंदिर धाम के दर्शन के लिए टोकन कैसे प्राप्त करें ?